द्वितीय भाव (धन भाव): संपत्ति, वाणी और परिवार का घर
द्वितीय भाव (धन भाव): संपत्ति, वाणी और परिवार का घर ज्योतिषशास्त्र में द्वितीय भाव (2nd House) को धन भाव कहा जाता है। यह घर आपके धन, वाणी, मूल्यबोध और परिवार से जुड़ा है। पहला भाव (लग्न) बताता है कि आप “कौन हैं,” जबकि दूसरा भाव बताता है कि आप “क्या रखते हैं” — धन, परिवार, ज्ञान और शब्दों की शक्ति।...
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